Vedoan mein Vigyan: Kuchh Ankahe Vaigyanik Tathya

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Publisher ‏ : ‎ Motilal Banarsidass International
Author ‏ : ‎ Prof. Ramesh Chandra Dubey, E. Sujan Dubey
Edition ‏ : ‎ First Edition
Language ‏ : ‎ Hindi
Print length ‏ : ‎ 218 pages
ISBN-10 ‏ : ‎ 9347683590
ISBN-13 ‏ : ‎ 9789347683596
Item Weight ‏ : ‎ 252 g
Dimensions ‏ : ‎ 24 x 14 x 2 cm
Country of Origin ‏ : ‎ India
Net Quantity ‏ : ‎ 1.0 Count

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Description

यह चित्र एक हिंदी पुस्तक के अंश हैं जिसका मुख्य शीर्षक ‘वेदों में विज्ञान’ है और इसके पहले अध्याय का नाम ‘वैदिक भौतिकी’ है। पुस्तक की शुरुआत विषय सूची से होती है जिसमें वैदिक रसायन, गणित, कृषि और स्वास्थ्य जैसे विभिन्न विषयों का उल्लेख है। मुख्य पाठ में ब्रह्मांड की उत्पत्ति की व्याख्या ‘हिरण्यगर्भ’ के माध्यम से की गई है जिसे आधुनिक ‘बिग बैंग’ सिद्धांत के समकक्ष बताया गया है। इसके बाद अग्नि के विभिन्न रूपों जैसे घर्षण, जल और भूगर्भ में स्थित अग्नि की चर्चा करते हुए उसे पूरे ब्रह्मांड का आधार माना गया है। पुस्तक में सूर्य को सौरमंडल का केंद्र बताते हुए उसकी तीव्र गति वाली किरणों और सात रंगों का वर्णन वेदों के मंत्रों के आधार पर किया गया है। एक विशेष खंड में भारतीय गणितज्ञ भास्कराचार्य के योगदान का उल्लेख है जिसमें बताया गया है कि उन्होंने न्यूटन से बहुत पहले गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत को ‘सूर्य सिद्धांत’ में स्पष्ट कर दिया था। अंत में ऋग्वेद और अथर्ववेद के उदाहरणों से यह समझाने का प्रयास किया गया है कि सूर्य अपनी आकर्षण शक्ति से पृथ्वी और अन्य ग्रहों को नियंत्रित रखता है और अंतरिक्ष में संतुलन बनाए रखता है।

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